भारतीय संस्कृति और संस्कार को तार तार करते सिनियर्टी सनक!
आदरणीय मुख्यमंत्री जी एवं DGP साहब (बिहार)
अभी अभी अखबार में देख रहा हूं , अररिया में एक होमगार्ड सड़क किनारे कान पकड़ के उठक-बैठक कर रहा है। उसके सिनियर उसे डांट रहे हैं। उठक-बैठक के बीच में ना रुकने का, तालिबानी फरमान भी दिया जा रहा है। सिनियर ऑफ़िसर कहते हैं कि उस गार्ड ने कृषि अधिकारी से “पास” मांग कर, डिपार्टमेंट की प्रतिष्ठा का हनन किया है।
उठक-बैठक से मन नहीं भरता है तो उक्त कृषि अधिकारी के चरणों में वो असहाय गार्ड अपना मस्तक रखता है, दया की भिख मांग रहा है।
धूप बहुत है। डरा हुआ वो गार्ड कान पकड़ कर अभी खड़ा है ,उसके चेहरे पर जो काला कपड़ा बंधा था , नीचे खिसक चुका है ,उसकी ऊजली-काली मूछें दीख रही है,उसकी आँखें सन्नाटे में है,दया के लिये जबड़े स्थिर और लाचार है, शयाद उसकी नसों में अब वो शक्ति नहीं कि आह भी निकाल सके मुंह से ,उसके अंदर रक्त-रूदन चल रहा है।
एक प्रौढ़ इन्सान मृत खड़ा है। पदाधिकारियों के जूतों के नीचे उसकी प्रतिष्ठा और कर्तव्य-परायणता कुचली जा चुकी है। ये रूदन,ये विलाप जो उसका हृदय कर रहा है ,वो बिहार को अभिशप्त करने वाली है। वो तार-तार हो चुका है; माने,आप DGP साहब,आपके कर्तव्य निष्ठ होने का उद्घोष जिन्दगी के लिये पानी मांग रहा है। उक्त अधिकारी के चरणों पे पड़ा वो मस्तक,उसका तो है ही ,आपका भी है,पूरे बिहार प्रशासन का है,पूरे बिहार का है ,हमारा है।
अब क्या करेंगे?
प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यदि कर्तव्य पालन कर रहा है तो उसकी रक्षा,उसके मान को बचाना और उसके साहस को दृढता देना आपका परम कर्तव्य है; नहीं है तो होना चाहिये।
आप बहुत विडियो बनाते हैं,वादा करते हैं ,अपना यश गान करते हैं ,
तो निभाइये,अपना कर्तव्य…,
और फिर कोई और विडियो बना कर अपना गौरव-गान कीजियेगा।
सज्जन कुमार यादव (छात्र परिषद)
