” मां”

मां,बताओ मां, तुझे कुछ महसूस हुआ तो नहीं?

तेरे पवित्र आंचल को उसका नापाक कदम छुआ तो नहीं।

मां,बताओ मां तुझे कुछ महसूस हुआ तो नहीं?

हमे संदेशा आया है खुफिया के भाइयों से

तेरे लाला पाकिस्तान के जमाइयों से

मां, बताओ मां तुझे कुछ महसूस हुआ तो नहीं ?

तेरे पवित्र आंचल को उसका नापाक कदम छुआ तो नहीं।

मां, बताओ मां बतुझे कुछ महसूस हुआ तो नहीं?

The world of creation. द्वारा प्रकाशित

Student leader ,founder of R.R.P.S Ramnagar and part time poet.

2 विचार “” मां”&rdquo पर;

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